SEO क्या है और कैसे करते हैं? [Latest Guide 2021]- SEO Kya Hai

SEO kya hai

SEO KYA HAISEO शब्द का मतलब “सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन” है | जो कि ऑर्गेनिक सर्च इंजन Results के माध्यम से आपकी वेबसाइट पर Web TrafficAuthority को बढ़ाने का एक अभ्यास है ।

अगर सरल भाषा में कँहू – इसका मतलब है कि जब लोग Google, Bing  और अन्य Search Engines में आपके Business  से संबंधित Products या Services के बारे में search करते है 

तो आपकी वेबसाइट उन सर्च results में ज्यादा से ज्यादा दिखाई दे इसके लिए जो भी Optimization की जाती है उसे हम “SEO” कहते है |

आशा करता हूँ कि “SEO क्या है” कि परिभाषा आपको समझ आ गई होगी |

SEO की सम्पूर्ण जानकारी हिंदी में –
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SEO कैसे किया जाता है और यह क्यों जरुरी हैं?

SEO कैसे किया जाता है इसके बारे में हम आगे विस्तार से सीखेंगे पर उस से पहले ये जानना आवश्यक है कि किसी भी वेबसाइट के लिए SEO क्यों जरुरी है|

इसके लिए आप इसकी परिभाषा को अलग-अलग टुकड़ो में समझे तो वो ज्यादा आसान है जैसे :- 

वेब ट्रैफिक की गुणवत्ता को बढ़ाना  

माना आप world में किसी भी तरह के Web visitors को अपनी वेबसाइट पर attract कर सकते हो| 

पर अगर उन Visitors का आपकी वेबसाइट पर आने का उद्देशय और आपकी वेबसाइट का Subject व Information  एक-दूसरे से मिलती जुलती नहीं है तो वो “Web Traffic” आपके किसी काम का नहीं है | 

उदारण के लिए –

किसी Person ने Google में “Apple Computer” के बारे में सर्च किया|

और उसको आपकी वेबसाइट का लिंक मिला पर जैसे ही उसने आपकी वेबसाइट खोली और पाया की आपकी वेबसाइट “Apple Computer” नहीं बल्कि online apple fruits selling से सबंधित है तो आपको उस person से कोई लाभ होगा | 

तो ऐसी मुशिकलों से बचने के लिए वेबसाइट को SEO Techniques जैसे – Meta  Heading , Meta Descriptions , Meta Tags , Meta Keywords आदि के द्वारा Google में Index करवाया जाता है 

ताकि आपकी website सर्च इंजन में बिलकुल सही “Search Query” के अनुसार ही दिखाई दे और ऐसा करने से आपके वेबसाइट के ट्रैफिक की गुणवत्ता में सुधार होगा 

वेब ट्रैफिक की मात्रा को बढ़ाना  

जब आपकी वेबसाइट आपकी टारगेट ऑडियंस को सर्च रिजल्ट्स (SERPs) में दिखने लगती है तो आपकी वेबसाइट पर Web Traffic बढ़ने लग जाता है 

और ये सब आपकी SEO Practice की बदौलत ही संभव हो पाता है | 

ऑर्गेनिक सर्च इंजन परिणाम को बढ़ाना 

सर्च इंजन हमें ज्यादातर 2 प्रकार के results दिखाते हैं – पहला “Paid / Ads सर्च Result” और दूसरा “Organic  / Free सर्च Result” | 

Paid Result के लिए आपको हमेशा सर्च इंजन की Ads को खरीदना होगा जैसे – Google ads , Bing Ads| 

पर Organic या Free result के लिए आपको कोई भुगतान नहीं करना पड़ता है | 

ऑर्गेनिक सर्च ट्रैफ़िक विशेष रूप “Unpaid” SERPs से आता है | 

यही कारण है की सभी  Online Businesses  के लिए Correct SEO ही सफलता का सूत्रधार है |

SEO कितने प्रकार का होता है

अब तक हम यह तो जान ही चुके है की SEO का क्या महत्व है | अब हम जानेगे की SEO होता कितने प्रकार का है | 

SEO को हमेशा दो भागों में बांटा जाता है – 

  • ON-PAGE SEO
  • OFF- PAGE SEO

चलिए पहले “ON-PAGE SEO” के बारे में जान लेते है

ON-PAGE SEO क्या है?

ऑन-पेज एसईओ को “ऑन-साइट एसईओ” के रूप में भी जाना जाता है | यह Webpage Content को सर्च इंजन व उपयोगकर्ताओं के अनुकूल बनाने की एक Practice है । 

सामान्य ऑन-पेज एसईओ में “Optimizing Title Tags, Content, Internal Links, and URLs” आदि को सर्च इंजन के अनुकूल बनाया जाता है 

यह ऑफ-पेज एसईओ से बिलकुल अलग होता है | 
जिसमे आपकी वेबसाइट के Signals को Optimize किया जाता है (उदाहरण के लिए, बैकलिंक्स )

क्या 2021 में ON-PAGE SEO महत्वपूर्ण है?

इसका जवाब है – जी हाँ

Google ने अपनी 2021 की रिपोर्ट  “How Search Works” में भी इसका जिक्र किया है 

how search work

भले ही Google अब पहले की तुलना में ज्यादा स्मार्ट हो गया हो पर वो आज भी आपके Web Page पर पुराने समय की भाँति आपके “Main Keyword” की तलाश करता है और उसका Indexing में इस्तेमाल करता है | 

इसका एक सबूत “Backlinko” के संस्थापक  “Brian Dean” ने अपनी विश्लेषण रिपोर्ट  – 11.8 MILLION GOOGLE SEARCH RESULTS में पेश किया है  | 

इसमें उसने बताया की अगर आप किसी “Target Keyword” को गूगल में सर्च करोगे तो गूगल आपको अपने Top Results में उन “Titles” वाले results को पहले Show करेगा  जिसमें वो Exact keyword टाइटल में Add  होगा | 

आप भी एक बार इसे अपनी तरफ से ज़रुरू Try कर के देखना

 कीवर्ड के अलावा भी Onpage SEO में बहुत कुछ है जैसे – यूजर एक्सपेरिंस , पेज लोडिंग स्पीड, बाउंस रेट , ड्वेल टाइम , सर्च इंटेंट या क्लिक थ्रू रेट इत्यादि |

ON-PAGE SEO कैसे करते हैं?

ON-PAGE SEO के जरिये हम अपनी वेबसाइट को सर्च इंजन के Alegorithm के अनुरूप बनाते हैं | इसमें सभी बदलाव व Optimizations वेबसाइट के Pages के अंदर की जाती है

“ON-Page SEO” की अहमियत को समझने के बाद जो सवाल अक्सर दिमाग में आता है वो यह की इसका Use हम अपने Content को Optimize करने के लिए कैसे कर सकते है | 

जाहिर सी बात है आपको “ON-PAGE SEO” का फायदा भी तभी मिलेगा जब आपको इसकी Latest तकनीक का पता होगा  | 

अगर आपको भी इसकी अधिक जानकारी नहीं है तो मैं आपको “SEO KYA HAI 2021” की विस्तृत ट्रेनिंग दे रहा हूँ | 

तो चलिए शुरआत करते है और सीखते है कि अपने ON-Page Web Content को कैसे Optimize  करें | 

Webpage Content को कैसे Optimize करें?

“ON-Page SEO” की अहमियत को समझने के बाद जो सवाल अक्सर दिमाग में आता है वो यह की इसका Use हम अपने Content को Optimize करने के लिए कैसे कर सकते है | 

जाहिर सी बात है आपको “ON-PAGE SEO का फायदा भी तभी मिलेगा जब आपको इसकी Latest तकनीक का पता होगा  | 

अगर आपको भी इसकी अधिक जानकारी नहीं है तो मैं आपको “SEO KYA HAI 2021” की विस्तृत ट्रेनिंग दे रहा हूँ | 

तो चलिए शुरआत करते है और सीखते है कि अपने Web Content को कैसे Optimize  करें |  

Main Keyword को पहले 100 – 150 Words में Use करें


यह ONPAGE Optimization का पहला तरीका है | 

और यह कोई SEO की नई टेक्नीक नहीं है पर यह Method आज भी Work करता है |

ऐसा इसलिए क्योंकि गूगल आज भी उन Keywords पर ही ज्यादा Focus करता है जिसको Content के शुरुआत में ज्यादा बार Use किया गया हो | 

इसलिए अपने “Target Keyword” को अपनी  Post के पहले 100 से 150 words में शामिल करना न भूले | 

Blog Title को हमेशा H1 Tag के अंदर लिखे 


H1 टैग एक मिनी टाइटल टैग की तरह है। वास्तव में, Google ने कहा है कि H1 टैग का उपयोग करने से ” Google को वेबपेज की संरचना को समझने में मदद मिलती है “।

अधिकांश प्लेटफ़ॉर्म (जैसे वर्डप्रेस) Automatically आपके ब्लॉग पोस्ट के Title को  H1 Tag में Add करते हैं 

अगर आपके साथ भी ऐसा है तो ये आपके लिए बहुत अच्छा है | 

लेकिन हमेशा ऐसा नहीं होता है। इसलिए आप एक बार यह सुनिश्चित कर ले की आपकी साइट के Title का कोड H1 के अंदर है या नहीं | 

Sub Heading को हमेशा H2 Tag के अंदर लिखे 


जब भी आप अपने “Target Keyword” को add करें तो कम से कम एक बार उस Keyword को अपनी “Sub Heading” में  ज़रुर Add करें | 

आपकी “Sub Heading” हमेशा H2 Tag में Wrap होनी चाहिए | 

कई बार लोग सवाल पूछते है की कही ऐसा करने से उनका Onpage SEO ख़राब तो नहीं हो जाएगा?

इसका जवाब है – बिलकुल भी नहीं 

असल में ऐसा करने से ये आपके “Target keyword” को Google Search में सेंध लगाने में मदद करेगा |  

अब

Target Keyword को Post में कितनी बार प्रयोग करें?

इस क्रिया को SEO की भाषा में “Keyword Frequency” कहा जाता है  | 

और जैसा “Keyword Frequency” नाम से ही पता चल जाता है कि हम किस चीज़ की बात करने जा रहे है | 

अगर SEO के नजरिये से देखे तो यह हमेशा से ही एक “Controversial” मुद्दा रहा है | 

क्यूंकि Google हमेशा इस बात से इंकार करता हैं कि एक ही कीवर्ड को बार-बार इस्तेमाल करने से रैंकिंग में मदद मिलती है।

लेकिन कई SEO Experts ने अपने अनुभव के आधार पर बताया है कि यह  Method निश्चित रूप से काम करता है।

उनके अनुसार आप जरा खुद ही सोच के देखिये की आपने एक आर्टिकल लिखा और उसमें आपने सिर्फ “एक बार” ही अपने Target Keyword को शामिल किया | 

दूसरी और आपने एक और आर्टिकल लिखा और उसमें आपने 8 से 10 बार अपने Target Keyword का प्रयोग किया | 

अब आप बताइये की आपको क्या लगता है कि आपका कौनसा आर्टिकल “Google” को अच्छे से आपके “Target keyword” से परिचत करवा सकता है?

निश्चित रूप से आपका ज़वाब होगा – दूसरा

आपका ऐसा कहना स्वाविक भी है | दरअसल हम असल जिंदगी में भी अपनी मुख्य या ठोस बात को आगे रखने के लिए उसे बार-बार दुहराते है | 

यंहा में एक बात साफ़ कर देना चाहता हूँ की “बार-बार” Keyword use से मेरा तातपर्य “Keyword Stuffing” से बिलकुल नहीं हैं |  

उदारण के लिए –  मान ले आप कोई 3000 से 3500 Words का कोई पोस्ट लिख रहे है तो उसमें 6 से 7 बार अपने Target keyword का Use करना कोई गलत SEO Practice नहीं हैं | 


External links का अपनी वेबसाइट में उपयोग करना आपके लिए Google Ranking में सुधार करने में मील का पत्थर साबित हो सकता है  | 

क्यूंकि आपकी वेबसाइट के Pages का बाहर के उच्च गुणवत्ता वाले संबंधित pages के साथ link आपकी वेबसाइट की Domain Authority में सुधार लाता है | 

और जैसा हम सभी जानते High Domain Authority वेबसाइट के content को  गूगल में rank करवाने में एक अहम रोल अदा करती है  

आज के समय में ये कोई सुनी सुनाई बातें नहीं है और न ही कोई सिद्धांत मात्र  हैं |  

रीबूट ऑनलाइन कंपनी के लोगो ने इस पर एक प्रयोग भी किया | 

उन्होंने 10 websites बनाई और उसमे से 5 websites को प्राधिकरण साइटों (जैसे ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी) आदि से जोड़ा और बाकी 5 को ऐसे ही छोड़ दिया | 

नतीजे में उन्होंने पाया की जिन websites में “Outbound Links” दिए गए थे वो गूगल रैंकिंग में दूसरी साइट्स से कही ऊपर थी | 

इसलिए Future में जब भी SEO Optimization करो तो Outbound links को अपने SEO Task में शामिल करना मत भूलना | 

Best SEO Results के लिए अपने URLs को ऑप्टिमाइज़ करें


URL की संरचना को “ON-PAGE SEO” में इतनी ज्यादा महत्तता नहीं दी जाती हैं | 

और हाल ही में गूगल ने भी अपने “Search Results” में URL के अजीब संस्करणों का उपयोग करना शुरू किया है।

लेकिन फिर भी आपको URL की सरंचना के तरफ ध्यान देना चाहिए क्यूंकि आपने देखा होगा की अब मोबाइल व डेस्कटॉप SERPs में URL टाइटल टैग के ऊपर Show होती है|

SEO Optimized url example

 

Website URLs को SEO Friendly कैसे बनाये?


अपने URL को छोटा करें

प्रत्येक URL में एक कीवर्ड शामिल करें

कीवर्ड के अलावा आप एक या दो words और add कर सकते है पर कोशिश करें जितना हो सके URLs को छोटा रखें |

Title and Description Tags को कैसे Optimize करें?

मेरी राय में, ON-PAGE में  Title Tag एक सबसे महत्वपूर्ण SEO Factor हैं | 

ऐसा इसलिए है क्योंकि आपका “Title Tag” ही सर्च इंजनों को आपके Webpage के बारे में एक high-level overview देता है | 

मेरे अनुभव में, आपका Main Keyword  जितना आपके Title tag की शुरुआत में add किया होगा उसका “Search Result” में Impact उतना ही अच्छा होगा | 

उदारण के लिए – मान लो आपका Main Keyword – “Weight Loss Diet” है 

और आप उसको अपने Post के Title में कुछ ऐसे इस्तेमाल करोगे तो आपको Best result मिलेगा – 

Weight Loss Diet – The Complete Guide 

या 

Best Weight Loss Diet to reduce belly fat

हाँ ऐसा जरूरी भी नहीं हैं  कि आपका कीवर्ड हमेशा आपके Title के बिल्कुल शुरुआत में ही हो। क्यूंकि ऐसा हमेशा करने का कोई मतलब नहीं होता है।

पर कोशिश हमेशा इसे शुरआत में ही रखने की करे अन्यथा परिस्थितियों के अनुरूप समलित करें | 

इसके अलावा आपको  “Power Words” का भी Title में Use करना चाहिए जैसे –

Free     WhyWhat
WhoBestOffer
DiscountFast Stop
Review TopLast 

जब आप ऊपर दिए गए Words का इस्तेमाल अपने Title में करते हो तो आपके Links पर Clicks व CTR दोनों बढ़ाने में मदद मिलती है | 

एक बात और ध्यान में रखें कि Title हमेशा 50–60 characters से लम्बा नहीं होना चाहिए|

बिलकुल ऐसा ही आपकी Description के साथ भी है | 

गूगल ने अपनी “सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन स्टार्टर गाइड” में कहा है कि – Adding description meta tags to each of your pages is always a good practice. 

इसका मतलब है कि आपको अपने वेबसाइट के हर page के लिए  “Meta description” को लिखना चाहिए | 

और recently गूगल ने recommend किया है की ये Meta Descriptions आपको खुद लिखनी चाहिए बजाए किसी Auto Genration tool  क़े और इसकी लम्बाई 155–160 characters के बीच होनी चाहिए | 

यंहा में SEO King “Brian Dean” के मेटा डिस्क्रिप्शन के टेम्पलेट को दिखा रहा हूँ कि वो Meta description को किस तरीके से लिखने की सलाह देते है – 

मेटा डिस्क्रिप्शन फार्मूला
Image credit – backlinko

उनकी सलाह माने तो हमें एक बार अपने “Keyword” को भी description में add करना चाहिए | 

क्योंकि सर्च रिजल्ट्स में गूगल उन “Keywords” को हमेशा Bold करके दिखाता है जो किसी Person की Search Query से मेल खाते है |

SEO फ्रेंडली Content क्या होता है और उसे कैसे लिखते है?

हम जब भी SEO के बारे में सर्च करते हैं तो हमें एक Term हमेशा पढ़ने या सुनने को मिलती है  और वह है – “Content is King”. 

तो आज हम जानेंगे की Content को  king क्यों कहा जाता है और किस प्रकार का Content सही मायनों में King कहलाने के लायक होता है | 

आज अगर हम इंटरनेट पर सर्च करें कि  “SEO Friendly Content” कैसे लिखे तो ज्यादातर Results में आपको लोग “Unique Content” लिखने की बात करते नज़र आएंगे | 

यँहा लोग Unique का मतलब केवल “Duplicate Content” ना लिखने से समझते है| 

पर गूगल की नज़र में इसका मतलब केवल डुप्लीकेट कंटेंट से बिलकुल नहीं है| 

Google ऐसे कंटेंट को हमेशा रैंक करने की कोशिश करता है जो अपनी Category में Best , Unique, Well Explained  व  Well Optimized हो | 

गूगल के एक टेक्निकल इंजीनियर “Matt Cutts” ने अपने एक Interview में कहा था कि – गूगल हमेशा लोगो को प्रेरित करता है कि वो अपने Content की भाषा , संवाद या शैली  को लोगों के नजरिये के हिसाब से रखें |  

क्यूंकि उनके लिखे Content को पढ़ने की जरूरत हम जैसे इंसानों को ही पड़ती हैं गूगल को नहीं | 

गूगल तो मात्र एक जरिया है उस कंटेंट को एक-दूसरे तक पहुचांने का| 

पर अफ़सोस आज भी बहुत से लोग सिर्फ “Google” के रैंकिंग Factor को manipulate करने के लिए लिखते है| 

ऊँची रैंकिंग के चक्कर में लोग अपने कंटेंट को सूचीबद्ध न कर बल्कि तोड़ मरोड़ कर पेश करते है | 

जिसका वास्तविकता से दूर दूर तक कोई लेना देना नहीं होता हैं  |

तो चलिए अब हम कुछ ऐसे “Content Writing Tips” के बारे में जान लेते है जिसको अपनाकर आप वास्तव में अपने Content को King का दर्जा दिलवा सकते हो |

#Tip1 – अपने Content Flow को हमेशा सूचीबद्ध (Step By Step) रखिये | इसके लिए जरुरी है कि आप अपने content की Heading , Sub-heading व Topics को पहले लिखे और बाद में उनको क्रम में Explain करें | 

ऐसा करने से आपको अपने कंटेंट के Explaination mode को Manage करने में समस्या नहीं आएगी और न आपसे कोई Point लिखने में Miss होगा | 

#Tip 2  – अपने कंटेंट की भाषा और शैली को हमेशा आसान रखें | ज्यादा भारी भरकम Words, Grammer या synonyms का इस्तेमाल न करें | अन्यथा आपका अच्छा ख़ासा Post भी गूगल की नज़र में कचरा बन कर रह जाएगा | 

#Tip 3  – Content में कभी भी किसी तरह की अभद्र , भ्र्मक , अश्लील  व Senseless  शब्दावली का प्रयोग बिलकुल न करें | 

गूगल हमेशा से ही अपने “Algorithm” के माध्यम से ऐसी सामग्री को अपने डेटाबेस से हटाता आया है | 

#Tip 4 – आप जो Content लिखने जा रहें हैं अगर उसके बारे में Already Google पर काफी जानकारी Available है | 

तो हमेशा कोशिश करें कि आपका कंटेंट उन सबसे अलग व उन सब जानकारियों में इज़ाफ़ा करने वाला हो | 

ये नहीं कि आप भी बस उसी जानकारी को तोड़ मरोड़कर दोबारा पेश कर दो |  

अक्सर मैंने देखा है कि लोग बस जानकारी को Copy करते है और उसको ऊपर नीचे कर और कुछ शब्दों में फेरबदल कर एक Unique Content के रूप में पेश कर देते है | 

आज के समय में “Google” का algrothim बहुत ही smart है और वो ऐसे घटिया Content को आसानी से पकड़ लेता है | 

#Tip 5आखरी टिप्स में बताना चाहूँगा की अपने Content को हमेशा अच्छे से explain करते हुए उसमें Relevant Media को add करना न भूले जैसे  – Images, Videos , Podcast या Infographics. 

इसके बारे में Google का कहना है कि अगर आप अपने पोस्ट में Text के साथ साथ उस पोस्ट से सम्बंधित Media व भावनातम अंश भी add करते हो तो ये User experince को बेहतर बनाने में मदद करता हैं | 

तो आगे से जब भी Content लिखे तो हमेशा इन Tips को ध्यान में रखें |

Website पर Organic CTR (Click Through Rate) कैसे बढ़ाये?

CTR जिसे हम Click Through Rate भी कहते है असल में सर्च रिजल्ट्स पर किये गए Clicks का Percentage होता है | 

मान लीजिये आपकी वेबसाइट किसी keyword पर No 2 पर रैंक है और उस कीवर्ड को हर महीने 100 लोग सर्च करते है | 

और उसमें से 20 लोग आपके लिंक पर क्लिक कर आपकी वेबसाइट में आते है तो आपकी वेबसाइट का CTR 20% होगा | 

CTR को बढ़ाना क्यों महत्वपूर्ण है?

1 . CTR का सीधा लिंक आपके वेबसाइट ट्रैफिक से होता है , अगर आपका CTR बढ़ेगा तो आपकी वेबसाइट पे ट्रैफिक भी बढ़ जाएगा | 

उदारण के लिए अगर आपने अपना CTR 10% से 20% कर लिया तो आपका वेब ट्रैफिक भी दुगना हो जाएगा| 

2. अच्छे CTR को Google सर्च रैंकिंग सिगनल की तरह इस्तेमाल करता है| 

उदाहरण के लिए, एक Google इंजीनियर का कहना है कि वे CTR का उपयोग यह पता लगाने के लिए करते हैं कि उपयोगकर्ता किस प्रकार के परिणाम देखना चाहते हैं।

यदि कोई व्यक्ति किसी परिणाम पर क्लिक नहीं करता है, तो स्लाइड का शाब्दिक अर्थ है कि यह “खराब” है। 

साथ ही, Google ने एक बार FTC को सूचना दी थी कि वे CTR को रैंकिंग संकेत के रूप में उपयोग करते हैं:

अब हम सीखेंगे की CTR को कैसे बढ़ाया जाए – 

Brackets [ ] का प्रयोग करें –

Hubspot की study की माने तो अगर आप अपनी heading /Headlines में brackets [ ] का इस्तेमाल करते  है तो ये आपके CTR को दूसरी headings से 40-50% ज्यादा बढ़ाने में मददगार होता है

उदारण के लिए –  

  • 20 Best SEO Tips for blog [step-by-step Guide]
  • 20 Best SEO Tips for blog [Video]
  • 20 Best SEO Tips for blog [2021]

क्यूंकि Brackets सर्च रिजल्ट्स में आपकी heading को अलग दिखने में मदद करता हैं 

Heading में Number का प्रयोग करें – 

गूगल ने भी अपने SEO Optimization गाइड में ये जिक्र किया है कि अगर आप किसी TITLE /HEADING में कोई Number डालते है| तो ये आपके CTR को बढ़ाने में मददगार होगा| 

ऐसा इसलिए क्यूंकि लोग उन्हीं वेबसाइट लिंक्स को गूगल रिजल्ट्स में ज्यादा Open करते है जो किसी Specific Condition को दर्शाता हो जैसे – 

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Power Words का इस्तेमाल करें  – 

CTR या ट्रैफिक को बढ़ाने के लिए अपनी Headings में Power Words का इस्तेमाल करना बहुत जरुरी हैं | 

     उदारण के लिए -  Free, Discount, Top, Best, Last 

अगर आप ऐसे Words का इस्तेमाल करोगे तो ये लोगो को आपके रिजल्ट्स पर क्लिक करने के लिए Attract करेगा जिससे आपकी CTR बढ़ेगी| 

अपने UX/Design को अच्छा बनाये – 

आज के समय में किसी भी वेबसाइट का अच्छा दिखना बहुत जरुरी है| 

और ये सत्य हैं कि अगर आपकी वेबसाइट का Design अच्छा नहीं है| तो वो कभी सर्च इंजन में अच्छा परफॉर्म नहीं कर सकती| 


इसलिए कोशिश करें कि आपकी वेबसाइट का डिज़ाइन देखने में सुन्दर हो और    आपकी वेबसाइट को इस्तेमाल करना आसान हो |  

Off-Page SEO क्या है?

Off-Page SEO में वेबसाइट की सर्च इंजन रैंकिंग बढ़ाने के लिए साइट के बाहर जो भी Activities की जाती है Off-Page SEO कहते है | 

इसमें Backlinks बनाना , Brands Searchs को Increase करना या सोशल मीडिया Presence को बढ़ाना शामिल है| 

दूसरे शब्दों में: Off-Page SEO में वो सभी चीजें आती  हैं  जिसका प्रयोग आप अपनी वेबसाइट को Google व अन्य सर्च engines की नजर में भरोसेमंद व प्रोफेशनल बनाने  के लिए करते है

Off-Page SEO क्यों महत्वपूर्ण है?

हम जानते है कि  गूगल के algorithim हमेशा बदलते रहते है | 

इसलिए अगर आप अपनी वेबसाइट के लिए एक Strong Base बनाना चाहते है तो Off-Page SEO पर ध्यान देना बहुत जरुरी है| 


क्यूंकि Off-Page SEO आपकी वेबसाइट की “Domain Authority” व “Domain populairty” को बढ़ाता है|

नीचे मैंने OFF-PAGE SEO में शामिल कुछ अहम टॉपिक्स को शामिल किया है –


बैकलिंक्स आज भी गूगल रैंकिंग का एक अहम हिस्सा है| 

अगर आप भी अपनी वेबसाइट की सर्च रैंकिंग को बढ़ाना चाहते है तो हमेशा नेचुरल एंड मैन्युअल process से backlinks create करने की कोशिश करें| 

बैकलिंक्स हमेशा relevant sites के साथ बनाने चाहिए| इसके लिए आप infographics , कंटेंट क्रिएशन या linkbait के द्वारा बैकलिंक्स बना सकते है|

Guest Blogging करना


Guest Blogging एक बहुत ही अच्छा तरीका है अपनी वेबसाइट की online presence को बढ़ाने का और साथ ही साथ अच्छे बैकलिंक्स प्राप्त करने का|  

Guest blogging के लिए पहले अपने Niche कि  उन blogs व Websites को ढूंढे जो Guest Posting की Permission देती है| 

फिर आप उनकी guideline के according guest posting कर सकते है| 

अगर आप नहीं जानते है कि गूगल में अपनी Niche से related guest posting वाली वेबसाइट को कैसे find करते है| 

 तो नीचे मैंने कुछ गूगल सर्च Terms लिखी है आप भी गूगल सर्चबॉक्स में ऐसे लिखकर अपने niche की websites को ढूंढ सकते है 

उदारण के लिए अगर हमें “Technology” Niche के लिए गेस्ट पोस्टिंग वाली वेबसाइट ढूंढ़नी है तो उसके लिए ऐसे सर्च करें –

Technology + “guest blog”/”guest post”

Technology + “write for us”

Technology + “submit an article”/”submit a guest post”

Technology + “contribute guest post”

Technology + “contribute to our blog”

Website Speed को Optimize करना


आजकल अच्छी वेबसाइट स्पीड गूगल रैंकिंग के लिए बहुत जरुरी है| 

gtmatrix

Google ने अपनी 2021 की SEO Guideline में बहुत जोर देकर कहा है कि Users को अपनी वेबसाइट की स्पीड को Optimize करना चाहिए| 

इसके लिए आप अच्छे से अच्छा theme use करें, अच्छी Web-hosting इस्तेमाल करें और समय समय पे अपनी वेबसाइट को Update करते रहें|

अगर आपकी वेबसाइट “Wordpress” जैसे प्लेटफॉर्म पर बनी है तो आप अच्छी cache plugins, CDN व code optimization plugins का इस्तेमाल कर अपनी वेबसाइट को fast बना सकते है| 

अगर आप नहीं जानते है कि आपकी वेबसाइट की स्पीड क्या है और उसको कैसे optimized करें| 

 तो उसके लिए आप कुछ बहुत ही popular online website speed testing tools का इस्तेमाल कर सकते हो जैसे – 

  1. Google Page Speed Insights
  2. GTmetrix
  3. Pingdom

Social Signals को बढ़ाना


Social Signals का अर्थ – किसी  वेबपेज के सभी  Likes , Shares व  Social Media Visibility से होता है| 

जैसा कि सर्च इंजिन्स द्वारा माना जाता है। ये गतिविधियाँ वेबपेज की ऑर्गेनिक सर्च रैंकिंग में योगदान करती हैं 

और इन्हें बैकलिंक्स के समान उद्धरण के दूसरे रूप में भी देखा जाता है।

इसलिए अपनी वेबसाइट के content को ज्यादा से ज्यादा सोशल  मीडिया पर शेयर करें 

गूगल, Twitter, Facebook , linkedin व Youtube जैसे प्लैटफॉर्म्स से आने वाले ट्रैफिक को उच्च गुणवत्ता का ट्रैफिक मानता है|

आशा करता हूँ कि आप लोगो को मेरा ये पोस्ट पसंद आया होगा कृपया करके इसे अधिक से अधिक लाइक व शेयर करें - धन्यवाद 

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